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अधिक मात्रा में नमक का प्रयोग करने से दिल में किडनी को खतरा होने की संभावना रहती है

यदि हम अपने जीवन शैली में अधिक नमक की मात्रा का प्रयोग करते हैं तो उसे हमारे दिल व किडनी का खतरा बना रहता है । अभी हाल ही में पीजीआई चंडीगढ़ में एक शोध में यह पाया गया है कि उत्तर भारतीय लोग जरूर से ज्यादा अधिक नमक का सेवन करते आ रहे हैं । विश्व स्वास्थ्य संगठन हो के अनुसार दिन भर में आप आहार में नमक की शक्ल मात्र 5 ग्राम से कम होनी चाहिए वही आपके स्वास्थ्य के लिए ही काफी लाभदायक मानी जाती है ।

आजकल की भाग दौड़ की जिंदगी में हमारे शरीर के अंदर बीमारियों का खतरा बढ़ता जा रहा है और हमारे खान-पान की संस्कृति भी बदली जा रही है लोग बाहर के भजन पर काफी निर्भर करते नजर आ रहे हैं कुछ लोग स्वाद के चक्कर में बाहर का खाना खा लेते हैं जिससे उन्हें कई बीमारियों के साथ खेलना पड़ता है ।

पीजीआई चंडीगढ़ ने  शोध

पीजीआई चंडीगढ़ ने हरियाणा पंजाब हिमाचल प्रदेश और जम्मू कश्मीर के लोगों पर यह शोध किया है उन्होंने इस शोध के दौरान स्वस्थ किडनी की बीमारी से ग्रस्त लोगों को दो समूह में रखा गया है जांच के दौरान उन्होंने यह पाया कि 65% लोग 4 गुना अधिक नमक का सेवन कर रहे थे ।


बीमारियों का खतरा

हम अपने जीवन शैली में नमक की अधिक मात्रा का प्रयोग करते हैं तो उसे उत्तर चाप, ब्रेन स्ट्रोक, दिल में किडनी की बीमारियों का जोखिम बहुत ही बढ़ जाता है और यह एक शोध में पाया भी गया है कि उत्तर भारतीय लोगों के खाने में प्रोटीन और कैल्शियम की मात्रा बहुत कम होती है । प्रोटीन की मात्रा सबसे अधिक मिलेट्स में होती है और व्यक्ति को दिन में 3.50 ग्राम पोटेशियम की आवश्यकता होती है लेकिन यह देखने में आया है कि भारतीय थाली में इससे अधिक मात्रा में ही पोटेशियम नहीं होता है ।

हमें पोटेशियम में वे फल सब्जियां कीवि और केले में भरपूर मात्रा में पोटेशियम मिलता है इसका सेवन हमारे जीवन में काफी जरूरी होता है ।

 

हमें इन बातों का अवश्य ध्यान रखना चाहिए ।

हमें भोजन करते समय नमक का प्रयोग सीमित मात्रा में करना चाहिए ।

भोजन के दौरान हमें अलग से नमक लेने से परहेज करना चाहिए ।

अपनी सेहतमंद लाइफ के लिए खाने में कार्बोहाइड्रेट और प्रोटीन प्राप्त मात्रा में होना चाहिए ।

हम बाहर की बजाय घर का बना भजन करना चाहिए ।

हमें मोटे अनाज दाल और बादाम जैसे पोषक तत्वों को भी भोजन में जरूर शामिल करना चाहिए ।

 

 

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